भरत भीमाराम प्रजापति बने राजस्थानी एकता मंच के मुख्य समिति सदस्य, कई नए नामों को मिली जगह
राजस्थानी एकता मंच ने घोषित की नई मुख्य समिति, भरत भीमाराम प्रजापति सहित 9 नए सदस्य शामिल

राजस्थानी एकता मंच की मुख्य समिति में नई नियुक्तियाँ – संगठन में अनुभव और युवा नेतृत्व का संतुलन, भरत भीमाराम प्रजापत मुख्य कार्यकारिणी सदस्य
राजस्थानी एकता मंच ने अपने संगठनात्मक ढांचे को अधिक सशक्त और सामाजिक रूप से प्रभावी बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण नियुक्तियाँ की हैं। इसी क्रम में बाली (राजस्थान) मूल के और वर्तमान में ठाणे, मुंबई में निवासरत भरत भीमाराम प्रजापति को मुख्य समिति सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति 04 अगस्त 2025 से प्रभाव में आई है। भरत प्रजापति वर्षों से जनसेवा, सामाजिक जागरूकता और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनकी कर्मठता, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक प्रतिबद्धता से संगठन को नई दिशा और ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
मुख्य समिति में भरत प्रजापति के साथ-साथ अन्य सक्रिय कार्यकर्ताओं को भी शामिल किया गया है। इन नए सदस्यों में जगदीश सिंह, सवाईसिंह रामसिंह राठौड़, दलपत पन्नालाल मालवीया, शेरसिंह राजपुरोहित, कृष्णा वारपा, ईश्वरसिंह रणजीतसिंह राठौड़, दुर्गेश भूरमल देवड़ा और पाकराम मानाजी सिरवी के नाम प्रमुख हैं। इन सभी का सामाजिक क्षेत्र में योगदान उल्लेखनीय रहा है और संगठनात्मक दृष्टिकोण से इनकी भागीदारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राजस्थानी एकता मंच के अध्यक्ष महेन्द्र सोनाराम मालवीया और सह सचिव नरेश मंगलाराम प्रजापति ने सभी नवनियुक्त सदस्यों को बधाई दी है और आशा व्यक्त की है कि यह नई टीम संगठन को अधिक संगठित, सक्रिय और जनहित के प्रति समर्पित बनाएगी। इन नियुक्तियों से संगठन के कार्यों में गति आएगी और सामाजिक सरोकारों को प्रभावशाली ढंग से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
राजस्थानी एकता मंच का यह निर्णय उसकी मूल विचारधारा को दर्शाता है जिसमें अनुभव, समर्पण और युवा नेतृत्व को संगठन की असली ताकत माना गया है। यह संतुलन मंच की सामाजिक प्रतिबद्धताओं को और अधिक मजबूत करेगा और संगठन को व्यापक स्तर पर जनसमर्थन दिलाने में सहायक सिद्ध होगा।











