बजरी माफिया का खुला आतंक: पत्रकार के घर घुसकर हमला, मोबाइल छीना पुलिस की चुप्पी पर भड़के पत्रकार, भीलवाड़ा में महाआंदोलन की चेतावनी

- भीलवाड़ा लूनिया टाईम्स न्यूज संवाददाता प्रभुलाल लोहार
गंगापुर (भीलवाड़ा)।
अवैध बजरी माफिया अब पूरी तरह बेखौफ नजर आ रहा है। सच उजागर करने वाले पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है और कानून के रखवाले तमाशबीन बने हुए हैं। गंगापुर थाना क्षेत्र में पत्रकार प्रकाश चंद्र खारोल पर हुआ हमला इसी भयावह स्थिति की ताजा मिसाल है।
जानकारी के अनुसार अवैध बजरी से जुड़े ट्रैक्टरों की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे पत्रकार प्रकाश चंद्र खारोल के घर में घुसकर सांवरमल मल जाट (बागोर) ने दबंगई दिखाई। आरोप है कि आरोपी ने पत्रकार के साथ धक्का-मुक्की की, जमकर गाली-गलौज की और जबरन उनका मोबाइल फोन छीन लिया। यह वारदात न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करती है।
पीड़ित पत्रकार द्वारा गंगापुर थाने में मुकदमा दर्ज कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस की निष्क्रियता से आक्रोशित पत्रकारों का कहना है कि यही चुप्पी बजरी माफिया के हौसले और बढ़ा रही है।
इसी के विरोध में गंगापुर और आसपास के क्षेत्रों के कई पत्रकार एडिशनल एसपी कार्यालय, भीलवाड़ा पहुंचे और जोरदार विरोध दर्ज कराया। पत्रकारों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि आरोपियों पर शीघ्र सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो भीलवाड़ा ही नहीं, पूरे प्रदेश के पत्रकार एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
पत्रकारों ने कहा कि जब सच दिखाने की सजा घर में घुसकर हमला बन जाए और पुलिस मूकदर्शक बनी रहे, तो यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है। उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षक से मामले में तत्काल सख्त कार्रवाई, आरोपियों की गिरफ्तारी और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
अब सवाल यह है कि पुलिस प्रशासन कब जागेगा और कब तक बजरी माफिया कानून से ऊपर बना रहेगा। जनता और पत्रकारों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।













