कोठार माजी आश्रम में साधु-संतों का दिव्य संगम, महंत श्री श्री 1008 विष्णुपुरीजी महाराज का षोडशी भंडारा श्रद्धा व भक्ति के साथ सम्पन्न

बाली। राजस्थान के पावन तीर्थ स्थलों में प्रतिष्ठित कोठार माजी मंदिर पौड़सी, कोठार ग्राम (उपखण्ड बाली) में सोमवार रात्रि को महंत ब्रह्मलीन श्री श्री 1008 विष्णुपुरीजी महाराज की पुण्यस्मृति में षोडशी भंडारे का भव्य आयोजन श्रद्धा, भक्ति और संत समागम के बीच सम्पन्न हुआ।
मंगलवार को भजन संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें भक्ति रस की अविरल धारा बही। प्रदेशभर से पधारे सैकड़ों साधु-संतों की उपस्थिति ने कोठार ग्राम को एक दिव्य और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर कर दिया।

संतों के स्वागत हेतु विशाल वरघोड़े का आयोजन हुआ, जिसमें गुलाल वर्षा, माल्यार्पण और डीजे-ढोल नगाड़ों की ध्वनि के साथ गांववासियों ने परंपरागत उत्साह एवं श्रद्धा से संतजनों का अभिनंदन किया। समस्त आयोजन ग्रामवासियों, गुरु भक्तों तथा श्रद्धालुजनों के सहयोग व सहभागिता से सम्पन्न हुआ।

महंत श्री श्री 1008 विष्णुपुरीजी महाराज विगत तीन दशकों से इस क्षेत्र में अपने तप, साधना और आध्यात्मिक सेवाओं के लिए विख्यात रहे। वे हनुमान जी के परम उपासक एवं अटूट आस्था के प्रतीक थे। उनका तेजस्वी, दृढ़ और समर्पित व्यक्तित्व समस्त श्रद्धालु समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है। उनकी दिवंगति इस क्षेत्र के लिए एक अपूर्व आध्यात्मिक क्षति है, जिसकी पूर्ति असंभव है।
इस पुण्य अवसर पर साधु-संतों के अतिरिक्त बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणजन, धार्मिक संगठन, एवं श्रद्धालुगण उपस्थित रहे। संतों के सान्निध्य और भक्ति भाव से परिपूर्ण यह आयोजन कोठार ग्राम के धार्मिक एवं सांस्कृतिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय बन गया।











