कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास, हाड़ौती क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई उड़ान

राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र के लिए 7 मार्च 2026 का दिन ऐतिहासिक बन गया जब प्रधानमंत्री Narendra Modi ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास समारोह को संबोधित किया। यह एयरपोर्ट लगभग 1507 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा और इससे कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ सहित पूरे हाड़ौती क्षेत्र के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
हाड़ौती क्षेत्र को बड़ी सौगात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि यह एयरपोर्ट केवल एक परिवहन परियोजना नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास का बड़ा माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि पहले कोटा क्षेत्र के लोगों को हवाई यात्रा के लिए जयपुर या जोधपुर जाना पड़ता था, जिससे समय और संसाधनों की काफी बर्बादी होती थी। नए एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोटा शिक्षा, ऊर्जा और उद्योग का प्रमुख केंद्र है। यहां न्यूक्लियर, कोयला, गैस और जल स्रोतों से बिजली का उत्पादन होता है। इसके अलावा कोटा स्टोन, सेंड स्टोन, कोटा डोरिया और कोटा कचौरी जैसी चीजों ने इस क्षेत्र को वैश्विक पहचान दिलाई है। एयरपोर्ट बनने से इन उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।
पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने बताया कि हाड़ौती क्षेत्र धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां के प्रमुख तीर्थस्थलों और पर्यटन स्थलों में
- Mathuradheesh Temple
- Keshorai Patan Temple
- Garadia Mahadev Temple
- Mukundra Hills National Park
- Ramgarh Vishdhari Tiger Reserve
शामिल हैं। हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होने से देश-विदेश से पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
एयरपोर्ट से उद्योगों को मिलेगा नया अवसर
लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने कहा कि कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का सपना दशकों से देखा जा रहा था। अब यह सपना साकार हो रहा है। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट के आसपास 600 हेक्टेयर क्षेत्र में औद्योगिक विकास की योजना बनाई जा रही है, जिससे यहां नए उद्योग स्थापित होंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि कोटा पहले से ही शिक्षा का बड़ा केंद्र है और आने वाले समय में यह आईटी हब और एग्रो-बेस्ड इंडस्ट्री का प्रमुख केंद्र भी बन सकता है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा एयरपोर्ट
केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री Kinjarapu Ram Mohan Naidu ने बताया कि नया एयरपोर्ट लगभग 1100 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। इसमें करीब 20 हजार वर्ग मीटर का आधुनिक टर्मिनल बनाया जाएगा, जिसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत की झलक भी दिखाई देगी।
उन्होंने कहा कि 2014 के बाद देश में हवाई कनेक्टिविटी तेजी से बढ़ी है और अब देश में एयरपोर्ट की संख्या 160 से अधिक हो चुकी है। सरकार का उद्देश्य हवाई यात्रा को आम नागरिक के लिए सुलभ बनाना है।

राज्य सरकार ने बताया विकास का रोडमैप
राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं के विकास के लिए व्यापक रोडमैप तैयार किया है। जल परियोजनाओं, पेयजल योजनाओं और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े निवेश के साथ प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया, जिसमें बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और इससे प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई गति
कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनने के बाद हाड़ौती क्षेत्र में
- पर्यटन
- उद्योग
- शिक्षा
- कृषि आधारित उद्योग
- रोजगार
जैसे क्षेत्रों में तेज़ी से विकास होने की उम्मीद है। बेहतर सड़क और रेल कनेक्टिविटी के बाद अब हवाई कनेक्टिविटी भी मिलने से कोटा और आसपास के जिले देश के प्रमुख विकासशील क्षेत्रों में शामिल हो सकते हैं। कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं बल्कि हाड़ौती क्षेत्र के भविष्य के विकास की मजबूत नींव है। इससे न केवल यात्रा सुविधाएं बेहतर होंगी बल्कि व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे।
















