सिद्धू कान्हू बालिका बिहार मैदान में दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की याद में शोक सह श्रद्धांजलि सभा का आयोजन।
गुरु जी हमेशा हमलोगों के बीच प्रेरणा स्रोत बनकर रहेंगे संरक्षक मीना हेंब्रम।

- दीपक पाण्डेय।
- टुण्डी
टुण्डी प्रखंड के पश्चिमी हिस्से में स्थित सिद्धू -कान्हू बालिका बिहार मैदान में आज़ बुधवार को झारखंड के जनक एवं दिशोम गुरु शिबू सोरेन को जाताखूंटी मुखिया प्रतिनिधि शक्ति हेंब्रम के नेतृत्व में आयोजित शोक सह श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित जनसमूहों ने अश्रुपूरित नेत्रों से पुष्प अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दिया।
प्राप्त समाचार के अनुसार दिशोम गुरु शिबू सोरेन की कर्मभूमि टुण्डी में इन दिनों उनकी आत्मा की शांति के लिए विभिन्न आदिवासी बहुल क्षेत्रों में लगातार शोक सह श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जा रहा है एवं लोग अपने लोकप्रिय नेता को भूल नहीं पा रहे हैं उनके द्वारा किए गए सराहनीय कदम को आज़ भी आदिवासी अपने दिलों में जिंदा रखने का काम करते नजर आ रहे हैं।
शोक सह श्रद्धांजलि सभा में जिला परिषद सदस्या सह झामुमो महिला मोर्चा जिलाध्यक्षा मीना हेंब्रम ने नम आंखों से कहा कि उनके आदिवासियों के प्रति सहयोगात्मक गुण एवं सही सोच लोगों को झकझोर कर रख दिया है उन्होंने आदिवासियों को सही मार्गदर्शन पर चलने की सीख दी है तथा हक़ और अधिकार जन्मसिद्ध अधिकार बताया है।
वहीं मुखिया प्रतिनिधि शक्ति हेंब्रम ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड एक सशक्त राज्यों के रूप में विकसित होगी यहां के एक एक व्यक्ति मेहनत और ईमानदारी के बल पर आगे बढ़ेंगे एवं शिक्षित होकर झारखंड का नाम रोशन करेंगे तभी उनकी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
आज़ के शोक सह श्रद्धांजलि सभा में मुख्य रूप से सिद्धू कान्हू सामाजिक शैक्षणिक सांस्कृतिक समिति जाताखूंटी के संरक्षक सह जिला परिषद सदस्या मीना हेंब्रम, अध्यक्ष फेलेन सोरेन, सचिव सह मुखिया प्रतिनिधि शक्ति हेंब्रम, नाईकी बाबा शिवलाल हेंब्रम, मांझी बाबा शिवबालक हेंब्रम, हरिलाल हेंब्रम,हेमश्वर टुडू,बेसर हेंब्रम, सामिल कुमार हेंब्रम, दिनेश हेंब्रम, मिहीलाल हेंब्रम,प्रभू हेंब्रम,नरेश हेंब्रम,दिलीप कुमार हेंब्रम,अमन हेंब्रम,शिशुलाल हेंब्रम, कृष्णदेव हेंब्रम, सदस्य मशाल हेंब्रम, मुकेश हेंब्रम,मोबिन अंसारी,सूरज मुर्मू, विश्वनाथ हेंब्रम समेत बड़ी संख्या में आदिवासी भाई बहनें उपस्थित थे।














