बेटी के पहले जन्मदिन पर पौधरोपण कर दी अनूठी मिसाल – बाड़मेर के दंपति की पर्यावरण रक्षा पहल

[box type=”note” align=”” class=”” width=””]रिपोर्ट: राकेश कुमार लखारा[/box]
बेटी का पहला जन्मदिन हर माता-पिता के लिए खास होता है, लेकिन जब यह दिन समाज और पर्यावरण को समर्पित किया जाए, तो यह एक मिसाल बन जाता है। ऐसा ही एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है बाड़मेर जिले के खड़ीन गांव के एक दंपति ने, जिन्होंने अपनी बेटी के पहले जन्मदिन पर पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
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खड़ीन गांव में मनाया अनोखा जन्मदिन
डऊकियो की ढाणी निवासी प्रतापा राम जाखड़ और उनकी पत्नी सुमन चौधरी ने अपनी पुत्री दिव्यांशी के पहले जन्मदिन पर पारंपरिक जन्मोत्सव के स्थान पर पौधरोपण कर हरियाली बढ़ाने की पहल की।
इस मौके पर उन्होंने खड़ीन के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में बेटी के नाम से पौधा लगाया और संकल्प लिया कि जैसे वे अपनी बेटी की देखभाल करते हैं, वैसे ही इस पौधे को भी पालेंगे।
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बेटी और प्रकृति – दोनों की रक्षा का संकल्प
प्रतापा राम जाखड़ ने कहा,
“बेटियाँ प्रकृति की तरह होती हैं – जीवनदायिनी और स्नेह से भरपूर। हमारी यह पहल समाज में एक सकारात्मक संदेश देने का प्रयास है कि जैसे हम बेटियों की परवरिश करते हैं, वैसे ही हमें प्रकृति और पौधों की भी देखभाल करनी चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ बेटी बचाओ का संदेश फैलाना उनका उद्देश्य है।
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स्थानीय समाज की सराहना
इस पहल को देखकर गांव के लोगों ने दंपति की खुले दिल से तारीफ की।
‘मेरा आदर्श गांव खड़ीन’ ग्रुप के समूह प्रशासक ने दिव्यांशी को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं और दंपति के प्रयास को सराहनीय बताया।
विद्यालय के स्टाफ और ग्रामीणों ने भी इस अवसर पर भाग लिया और अन्य लोगों को भी पौधरोपण करने के लिए प्रेरित किया।
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- पौधरोपण और बेटियों को समर्पित एक सामाजिक संदेश
- बेटी का जन्मदिन पौधे के साथ मनाना एक हरित और संवेदनशील पहल है।
- यह न केवल पर्यावरण के लिए लाभदायक है, बल्कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी सरकारी मुहिम को भी बल देता है।
- इस तरह की पहल से समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना बढ़ती है।
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हर बेटी के नाम एक पौधा
इस प्रेरणादायक कदम ने यह साबित किया है कि यदि हम चाहें तो हर खास अवसर को समाज और पर्यावरण के हित में बदल सकते हैं।
“हर बेटी के नाम एक पौधा” सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत संदेश है – बेटी बचाओ, पर्यावरण बचाओ।











