सेवाभारती समिति फालना: बाल संस्कार केंद्रों में रक्षाबंधन उत्सव, जानें सेवाभारती का उद्देश्य, कार्य और संघ प्रेरणा
सेवाभारती समिति फालना द्वारा बाल संस्कार केंद्रों में रक्षाबंधन पर्व मनाया गया
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रेरणा से संचालित सेवा संगठन ‘सेवाभारती समिति, फालना’ द्वारा रक्षाबंधन के पावन अवसर पर विभिन्न बाल संस्कार केंद्रों में आत्मीय और सांस्कृतिक वातावरण में रक्षा सूत्र बांधकर पर्व को मनाया गया।
विभिन्न बाल संस्कार केंद्रों पर हर्षोल्लास से हुआ रक्षाबंधन कार्यक्रम का आयोजन
संस्थान के जिला प्रकल्प प्रमुख दिनेश लूणिया ने बताया की सेवाभारती समिति फालना द्वारा संचालित बाल संस्कार केंद्रों में शिक्षिकाओं व बच्चों ने पारंपरिक रूप से रक्षाबंधन का आयोजन किया। सभी भैया बहनो ने एक दूसरे को रक्षा सूत्र (राखी) बाँध रक्षाबंधन उत्सव मनाया।

🔹 आयोजन केंद्र एवं शिक्षिकाएं:
- फालना – अशोक नगर: शिक्षिका नीलम सोनी के मार्गदर्शन में रक्षा सूत्र बांधा गया।
- फालना – शिवाजी नगर: शिक्षिका तारा सोनी द्वारा बच्चों को रक्षाबंधन का महत्व बताया गया।
- सादड़ी – मेघवालों का बड़ा वास: शिक्षिका कुसुम ने भैया-बहनों के साथ राखी बांधी।
- सादड़ी – आंबेडकर नगर: शिक्षिका भानु ने बालकों को भारतीय संस्कृति के मूल भाव सिखाए।
- सादड़ी – मीनों का अरट: शिक्षिका तरुणा के नेतृत्व में सुंदर आयोजन हुआ।
- नाडोल – शिक्षिका ऊषा परमार द्वारा बच्चों को सेवा, रक्षा और एकता का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में देशभक्ति गीत, श्लोक उच्चारण भी प्रस्तुत किए गए।

नाडोल बालसंस्कार केन्द्र पर रक्षासूत्र बांधे
सेवाभारती: एक अल्प परिचय
सेवाभारती के उद्देश्य क्या है?
सेवाभारती राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रेरणा से संचालित एक राष्ट्रीय सेवा संगठन है, जो देशभर में गरीब, वंचित, आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्गों के लिए निशुल्क सेवा कार्यों का संचालन करता है।
- ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ के सिद्धांत को आधार बनाकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुँचाना।
- शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार और स्वावलंबन के क्षेत्र में निरंतर कार्य करना।
- राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक जागरण और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना सेवाभारती संगठन के प्रमुख उद्देश्य है।
सेवाभारती के प्रमुख सेवा कार्य
- बाल संस्कार केंद्र
- गरीब व मलिन बस्तियों के बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षण केंद्र।
- राष्ट्रीयता, नैतिकता और भारतीय संस्कारों का शिक्षण।
- रक्षाबंधन, गणेश चतुर्थी, गणतंत्र दिवस जैसे पर्वों का सामूहिक उत्सव।
2. नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवा
- ग्रामीण क्षेत्रों में मुफ़्त मेडिकल कैंप, दवाई वितरण और डॉक्टर की सुविधा।
- नेत्र जांच शिविर, रक्तदान शिविर, विकलांग सहायता केंद्र।
- आयुर्वेद, होम्योपैथी और आधुनिक चिकित्सा का समन्वय।
3. सेवा बस्तियों का विकास
- झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान, टॉयलेट निर्माण, जल प्रबंधन।
- महिलाओं के लिए सिलाई, कढ़ाई, मेहंदी, ब्यूटी पार्लर जैसी स्वरोजगार प्रशिक्षण।
4. छात्रावास एवं शिक्षण संस्थान
- ग्रामीण, वनवासी और पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए निवासीय छात्रावास।
- संस्कारयुक्त शिक्षा, योग, खेलकूद, प्रतियोगी परीक्षा हेतु मार्गदर्शन।
5. आपदा राहत कार्य
- भूकंप, बाढ़, सूखा, महामारी जैसी आपदाओं में तत्काल राहत कार्य।
- भोजन वितरण, आवास, वस्त्र और पुनर्वास हेतु सेवाएं।
6. विशेष बाल केंद्र
- अनाथ बच्चों, झुग्गी बच्चों, अपाहिज और मानसिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए विशेष स्कूल।
- शिक्षा के साथ चिकित्सा और प्रेमपूर्ण वातावरण।
7. वृद्धाश्रम एवं महिला आश्रय गृह
- असहाय वृद्धजनों के लिए मुफ्त आवास, भोजन और देखभाल।
- पीड़ित महिलाओं, विधवाओं और बेसहारा महिलाओं के लिए आश्रय गृह।
8. योग एवं संस्कार प्रशिक्षण
- योग, ध्यान, प्राणायाम के नियमित शिविर।
- जीवन मूल्य, संयम, सदाचार और राष्ट्रभक्ति पर आधारित कार्यशालाएं।
9. स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र
- महिलाओं और युवाओं को स्वावलंबन की दिशा में प्रशिक्षित करना।
- टेलरिंग, कंप्यूटर, मोबाइल रिपेयरिंग, आर्ट एंड क्राफ्ट जैसे कौशल विकास प्रशिक्षण।
10. सामाजिक समरसता अभियान
- जाति, वर्ग, भाषा, क्षेत्रीय भेदभाव मिटाकर समाज में एकात्मता का वातावरण बनाना।
- अंतरजातीय भोज, समरसता संगोष्ठी, और सामूहिक त्योहार।
🇮🇳 सेवाभारती की प्रेरणा: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रेरणा से सेवाभारती का जन्म हुआ, जिसमें “समाज में अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुँचे” नर सेवा नारायण सेवा यही मूल भावना रही है। संघ के हज़ारों स्वयंसेवक सेवाभारती के प्रकल्पों में कार्यरत रहते हैं।
सेवाभारती की उपस्थिति
- भारत के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में सेवाभारती की शाखाएं।
- लगभग 1 लाख से अधिक सेवा प्रकल्प – ग्रामीण से शहरी तक।
- 50,000+ कार्यकर्ता, सैकड़ो पूर्णकालिक कार्यकर्ता जो निःस्वार्थ सेवा में लगे हैं।
सेवाभारती समिति, फालना द्वारा रक्षाबंधन पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल एक त्योहार का उत्सव था, बल्कि भारतीय संस्कृति, सेवा और भाईचारे के मूल्यों का जीवंत उदाहरण भी था। यह स्पष्ट दर्शाता है कि सेवाभारती समाज में संस्कार, शिक्षा और सेवा के माध्यम से राष्ट्रीय पुनर्निर्माण की दिशा में सशक्त कदम बढ़ा रही है।













