वीर दुर्गादास राठौड़ जयंती पर मरुधर महिला शिक्षण संघ विद्यावाड़ी को ‘मारवाड़ रत्न’ सम्मान

वीर दुर्गादास राठौड़ की 387वीं जयंती के अवसर पर आयोजित मारवाड़ रत्न सम्मान समारोह में मरुधर महिला शिक्षण संघ विद्यावाड़ी, खिमेल को राजमाता कृष्णा कुमारी मारवाड़ रत्न सम्मान से अलंकृत किया गया। यह सम्मान संस्थान को बालिका शिक्षा में अद्वितीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।
समारोह का आयोजन रानी मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर, जोधपुर में शुक्रवार को किया गया। कार्यक्रम में सैनाचार्य अचलानंद गिरी महाराज सहित संतजनों का आशीर्वाद और पूर्व महाराजा गजसिंह व हेमलता राजे की उपस्थिति रही।
संस्था की ओर से अध्यक्ष कांतिलाल मेहता, पूर्व अध्यक्ष पोपटलाल सुन्देशा और सचिव कैलाश कावेड़िया ने सम्मान ग्रहण किया। इस अवसर पर पोपटलाल सुन्देशा ने कहा—
“यह सम्मान केवल हमारी संस्था का नहीं, बल्कि जैन समाज के दूरदर्शी भामाशाहों, समाज सुधारकों, पदाधिकारियों, होनहार छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों का भी है।”
कार्यक्रम में देश-विदेश की 17 विभूतियों को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इनमें डॉ. ललित के. पंवार, डॉ. नोर्बट पीबॉडी, प्रेम भण्डारी, प्रो. सुभाष चंद्र लाखोटिया, ब्रिगेडियर सौरभ सिंह शेखावत, फतेहसिंह, स्व. जॉन सिंह, डॉ. वंदना सिंह, पद्मश्री बतुल बेगम, डॉ. भवानी सिंह पातावत, अमन सिंह, लता कच्छवाहा, संदीप मुटोरिया, अवनि लेखरा, पलकी शर्मा उपाध्याय, दीपसिंह भाटी और चंद्रप्रकाश देवल शामिल रहे।

गौरतलब है कि यह समारोह पहले 12 मई को जोधपुर स्थापना दिवस पर होना था, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के कारण स्थगित कर दिया गया था। पूर्व नरेश गजसिंह ने अपने संबोधन में कहा कि वीर दुर्गादास का मातृभूमि के प्रति त्याग अमर है और मारवाड़ की धरती को गौरवान्वित करने वाला है।














