गोचर भूमि आवंटन के खिलाफ ग्रामीणों का ज्ञापन

- रानी
रानी गांव की गोचर भूमि पर कन्या महाविद्यालय के निर्माण हेतु किए जा रहे भूमि आवंटन और निर्माण कार्य के विरोध में गोचर बचाओ संघर्ष समिति रानी गांव के नेतृत्व में ग्रामीणों ने शनिवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ केबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत राज्य मंत्री ओटाराम देवासी पाली सांसद पी पी चौधरी मारवाड़ जंक्शन विधायक केसाराम चौधरी पाली जिला कलेक्टर डॉ एल एन मंत्री तथा उपखंड अधिकारी शिवा जोशी को मेल के जरीए ज्ञापन भेजा हैं.

ज्ञापन में बताया गया कि रानी ग्राम पंचायत के खातेदारी संख्या 1266/797, 1276/674 कुल 37 बीघा भूमि राजस्व अभिलेखों में गोचर भूमि के रूप में दर्ज था जो पूरे गांव के हजारों मवेशियों का एकमात्र चरागाह है इस भूमि पर कन्या महाविद्यालय का निर्माण शुरू किया गया है जिससे पशुपालन व्यवस्था और ग्रामीणों की आजीविका प्रभावित होगी. ग्रामीणों ने अपने ज्ञापन में सुप्रीम कोर्ट और राजस्थान हाई कोर्ट के पूर्व आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि हिंडौन सिटी बनाम राजस्थान सरकार मामले में नागरिक वाद संख्या 2023RJJDI02605 निर्णय दिनांक 28 अगस्त 2023अदालत ने स्पष्ट कहा है कि “गोचर भूमि का उपयोग केवल चरागाह के लिए ही किया जा सकता है इसे किसी अन्य प्रयोजन के लिए आवंटित नहीं किया जा सकता

राजस्थान भूमि नियम 1955 के अनुसार भी गोचर भूमि का उपयोग केवल पशुओं के चरने के लिए आरक्षित है समिति ने मांग की कि महाविद्यालय के लिए किसी अन्य गैर विवादित भूमि का चयन किया जाए और गोचर भूमि को उसके मूल उद्देश्य चरागाह के लिए सुरक्षित रखा जाए साथ ही पूर्व में जिला प्रशासन द्वारा इस भूमि को गोचर घोषित किए जाने के आदेश को यथावत बनाए रखने की अपील की गई
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को बाध्य होंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी इस मौके पर बी एल भाटी मोहनलाल चौधरी जोगाराम देवासी मुकेश गर्ग हरी सिंह राजपुरोहित एडवोकेट सोहन आगरी हंसा राम भाटी देवाराम चौधरी नेनाराम चौधरी डूंगाराम चौधरी हिराराम घांची सोहन सिंह राजपूत नरेश सैन तेजसिंह राजपूत कस्तूरराम माली सोहनलाल सिंधल महेंद्र सिंधल ललित मीणा मोतीलाल परमार हरी सिंह राजपूत रणजीत सिंह राजपुरोहित सहित समस्त ग्राम वासी ने मांग की हैं













