उदलियावास में नवसाक्षर महिलाओं का माल्यार्पण कर स्वागत-अभिनंदन

उदलियावास। गांव में नवभारत साक्षरता कार्यक्रम “उल्लास” के अंतर्गत असाक्षर से साक्षर बनी ग्रामीण मजदूर और किसान महिलाओं का सम्मान किया गया। ग्रामीण महिलाओं ने नवसाक्षर महिलाओं का माल्यार्पण कर उनका भव्य स्वागत और अभिनंदन किया।
नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जागरूकता
गांव के सरपंच गोविंदराम सरगरा ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत गांव की उन महिलाओं को चिन्हित किया गया जो अब तक निरक्षर थीं।
- वी.टी. गोपी किशन रावल और देवी सिंह देवल ने घर-घर जाकर और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं को इकट्ठा कर उन्हें पढ़ाई की ओर प्रेरित किया।
- महिलाओं को अंक ज्ञान, संख्या ज्ञान, अक्षर ज्ञान, डिजिटल साक्षरता और व्यावहारिक जानकारी दी गई।
- साथ ही, उन्हें यातायात नियमों और सामाजिक जानकारी से भी अवगत कराया गया।
अब महिलाएं खुद लिखने-पढ़ने लगीं
पंचायत समिति सदस्य देवाराम सीरवी ने बताया कि पहले जो महिलाएं निरक्षर थीं, अब वे अपना नाम लिख लेती हैं और अपने हस्ताक्षर स्वयं कर लेती हैं। यह बदलाव पूरे गांव के लिए प्रेरणादायक है।
सम्मानित हुई नवसाक्षर महिलाएं
कार्यक्रम के दौरान जिन महिलाओं को साक्षरता मिली, उनका सम्मान ग्रामीण महिलाओं द्वारा किया गया। इनमें प्रमुख रूप से:
- विमला देवी, पपुड़ी देवी, अंजना सरगरा, पायल सरगरा, लक्ष्मी सरगरा, गेंदा देवी मेघवाल, पानी देवी मेघवाल, राधा देवी प्रजापति, संतोष प्रजापत, कमला मेघवाल, कमला प्रजापत, गोदावरी पटेल, भंवरी देवी, सुरजा सुथार, अरूणा कचराई प्रजापत आदि शामिल रही।
गांव का सहयोग
इस अवसर पर ग्रामीण जयराम प्रजापत, सोहनलाल, भगवान राम, दीपाराम, शैतानराम सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और महिलाओं के इस प्रयास की सराहना की।
उदलियावास गांव का यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि शिक्षा से बड़ा कोई परिवर्तन नहीं। जो महिलाएं पहले निरक्षर थीं, आज वे आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की ओर कदम बढ़ा रही हैं। यह कार्यक्रम न केवल उनके जीवन में नया उजाला लेकर आया है, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा भी बन गया है।













