नेवरिया–जवासिया सड़क निर्माण में दो साल की देरी, कीचड़ और फिसलन से परेशान ग्रामीण

सत्यनारायण सेन, गुरला (चित्तौड़गढ़)
चित्तौड़गढ़ जिले के नेवरिया से जवासिया तक प्रस्तावित जिला सड़क, जिसे डीएमएफटी फण्ड से 70 लाख रुपये की स्वीकृति मिली थी, उसका निर्माण शुरू हुए दो वर्ष पूरे होने को हैं, लेकिन सड़क आज भी कच्ची, कीचड़युक्त और अत्यधिक खराब अवस्था में है। इससे रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी, तथा दोपहिया चालकों को फिसलने से चोटिल होने की घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है।
भीलवाड़ा जिले की ओर पक्की सड़क, पर चित्तौड़गढ़ साइड बदहाल
यह सड़क दो जिलों को जोड़ती है। भीलवाड़ा जिले की सीमा तक सड़क पक्की है, जबकि नेवरिया से जवासिया का चित्तौड़गढ़ हिस्सा पूर्णतः कच्चा है। थोड़ी सी बारिश होने पर यह मार्ग कीचड़ में बदल जाता है और लोगों को आवागमन में भारी दिक्कत होती है।

सड़क बनने से समय, दूरी और धन—तीनों की होगी बचत
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण पूरा होने पर—
- आवागमन की दूरी कम होगी,
- समय बचेगा,
- ईंधन की खपत घटेगी जिससे आर्थिक बचत होगी,
- और आसपास के गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
डीएमएफटी फण्ड से 70 लाख स्वीकृत, पर मुरम्मत/निर्माण शुरू नहीं
नेवरिया–जवासिया सड़क के लिए लगभग 70 लाख रुपये की स्वीकृति दो वर्ष पूर्व जारी हो चुकी है।
सरकार द्वारा ठेकेदार को कार्य प्रारंभ करने की तिथि 13 अक्टूबर 2023 तय की गई थी, लेकिन मौके पर आज तक एक इंच भी निर्माण शुरू नहीं किया गया।
देरी से बढ़ेगा निर्माण लागत का बोझ
स्थानीय लोगों का कहना है कि—
सड़क निर्माण की स्वीकृति को दो वर्ष हो चुके हैं। अब यदि निर्माण शुरू होता है, तो मटेरियल रेट बढ़ने के कारण सरकार को अतिरिक्त बजट देना पड़ेगा। यानी देरी से सरकारी खजाने पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप
पीडब्ल्यूडी विभाग ने इस सड़क निर्माण कार्य के लिए
संवेदक — श्री सांवलिया एंटरप्राइजेज (कांटी) को अधिकृत किया था,
लेकिन ठेकेदार ने कार्य प्रारंभ ही नहीं किया।
ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार और विभाग की लापरवाही के कारण सड़क की हालात बद से बदतर हो चुकी है।
ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से जताई नाराजगी
ग्रामीणों ने बताया कि—
- सड़क स्वीकृति को दो वर्ष बीत चुके हैं
- लेकिन आज भी मार्ग पर कीचड़, गड्ढे और फिसलन
- सीधी कनेक्टिविटी नहीं होने से समय और धन दोनों का नुकसान
इसी कारण क्षेत्रवासियों ने जनप्रतिनिधियों, पीडब्ल्यूडी अधिकारियों और जिला प्रशासन से सड़क निर्माण शीघ्र शुरू करवाने की मांग की है।















