चंद्र ग्रहण 2026: सूतक काल का समय, तिथि और नियम | Chandra Grahan 2026 Sutak Time

जानें चंद्र ग्रहण 2026 की सही तिथि, सूतक काल का समय, ग्रहण कब शुरू और खत्म होगा, तथा सूतक में क्या करें और क्या न करें। पूरी जानकारी हिंदी में।
चंद्र ग्रहण 2026: सूतक काल का समय, तिथि और जरूरी नियम
साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत में दिखाई देने वाले इस चंद्र ग्रहण के दौरान सूतक काल का विशेष महत्व होता है। हिंदू धर्म के अनुसार सूतक काल ग्रहण शुरू होने से लगभग 9 घंटे पहले प्रारंभ हो जाता है और ग्रहण समाप्ति तक प्रभावी रहता है।
📅 चंद्र ग्रहण 2026 की तिथि: 3 मार्च 2026 (मंगलवार)
🕒 ग्रहण शुरू होने का समय: रात लगभग 8:30 बजे
🕒 ग्रहण समाप्ति का समय: रात लगभग 06:46 बजे
⏳ सूतक काल शुरू: सुबह लगभग 11:30 बजे
(नोट: समय स्थान के अनुसार थोड़ा बदल सकता है)
सूतक काल में क्या करें
सूतक काल के दौरान भगवान का स्मरण, मंत्र जाप और ध्यान करना शुभ माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस समय मन को शांत रखकर पूजा-पाठ करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
सूतक काल में क्या न करें
सूतक काल में भोजन बनाना और खाना वर्जित माना जाता है। मंदिरों के पट बंद रखे जाते हैं और किसी भी प्रकार के शुभ या मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। इस दौरान तुलसी को छूना और सिलाई-कढ़ाई जैसे कार्य भी टालने की परंपरा है।
ग्रहण के बाद क्या करें
चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करना, घर की साफ-सफाई करना और भगवान की पूजा करना शुभ माना जाता है। इसके बाद ही भोजन ग्रहण करना चाहिए।
निष्कर्ष: चंद्र ग्रहण 2026 का सूतक काल धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महत्वपूर्ण समय है। उचित नियमों का पालन कर आप इस अवधि को आध्यात्मिक रूप से उपयोगी बना सकते हैं।











